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नमस्कार मित्रो,

हमारा ये ब्लॉग Moneyshri.com लिखने का मकसद, उन सभी लोगों तक अपनी पहुँच बनाना है जिनकी जिंदगी का मकसद, सिर्फ हर महीने के बिल भरना या जिंदगी को सिर्फ काटना नहीं है ! क्योंकि वे जानते है के उनकी जिंदगी कुछ कर गुजरने के लिए है, बस उन्हें मौके की तलाश है या उन्हें अपनी मंजिल तक पहुँचने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है! हम इस ब्लॉग से उन सभी लोगों की मदद करना चाहते है! क्योंकि हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताएँ भोजन, कपड़े, और आश्रय की बुनियादी तक ही सिमित नहीं रह गई हैं! हमें अपनी हर जरुरत को पूरी करने के लिए पैसो की ही तो जरुरत पड़ती है ! इसके अलावा पैसे हमें हर दूसरी सुविधाओं के लिए भी तो लगता ही है चिकित्सा, आपात खर्चा, शिक्षा और न जाने कितनी ही दैनिक जरूरतें होती है, जो पैसों के बिना पूर्ण नहीं होती है!
Moneyshri.com ब्लॉग से हम आपकी मदद, आपका मार्गदर्शन करने का प्रयास कर रहे है जैसे पैसे कमाने वालो के लिए, आप कैसे घर बैठे पैसे कमा सकते हैं, आपको क्या क्या करना होगा, आप क्या क्या कर सकते हैं ! और जिनके पास पैसे हैं वो कहाँ पर निवेश कर और पैस कमा सकते है! व्यापार, शेयर मार्केट, earn money tips, startups, inspiring stories आदि बहुत सी नवीन जानकारियां हम एस ब्लॉग के माध्यम से आप सभी शुभेच्छा रखने वालो तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं!
हर व्यक्ति हमेशा चाहता है, की मेरा परिवार खुश रहे, में खुश रहूँ ! कभी भी किसी अपने को अपनी इच्छाओ का गला न दबाना पड़े! वैसे भी १ सामान्य आदमी अपनी हैसियत के हिसाब से ही सपने भी देखता है! फिर कभी जब उसे समय मिलता है तो सोचने में आता है, की क्या मेरी जिंदगी का मकसद सिर्फ यही है, क्या में सही जगह पहुंचा हूँ!
कई बार हमें लगता है के हमारे पास एक महंगी कार, एक ब्रांडेड घड़ी और एक बड़ा घर होना चाहिए, जिससे की हमारे अस्तित्व के होने का हमें एहसास दिलाये! पर क्या वास्तविकता में यही सबकुछ हमें सुख और खुशियाँ देता है?
कभी जब हम बहुत महँगी कार को देखते है तो अनायास ही मुंह से निकलता है “Wow, cool! और सोचने लगते है की कभी हमारे पास भी ऐसी कार हुई तो हमारी कार देखकर भी लोग ऐसा ही बोलेंगे! पर हम यहाँ १ गलती कर रहे है की लोग सिर्फ कार को ही देखते है कार चलने वाले को नहीं! तो क्या इस भौतिकवादी सोच में हमें संतुष्टि और शांति मिलेगी!
क्योंकि ये सभी तो अस्थायी हैं!
और हम सफलता और असफलता दोनों ही पैसों का आधार मान लेते हैं, जो की कुछ हद तक सही भी है, क्योंकि हमारी सोच हमारे साथ काम करने वाले लोगों से, हमारे आस पास के वातावरण से, रोजमर्या में मिलने वाले लोग से, हमारी पुरानी अच्छी- बुरी घटनाओं से और हमें मिलने वाले मौको से प्रभावित रहती है!

हम विभिन्न सिद्धांतों, विभिन्न वित्तीय स्थिति, और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के साथ अलग पारिवारिक पृष्ठभूमि में पैदा होते हैं। यही अंतर हमें अलग करता हैं। कुछ लोग अमीर और अच्छे परिवार में पैदा होते हैं फिर भी हमेशा सफल नहीं हो पाते हैं। और कुछ लोगो की जिंदगी का मकसद सिर्फ सफलता प्राप्त करना होता है इसके लिए वे हमेशा आलस्य या जड़ता को छोड़कर कड़ी मेहनत के लिए हमेशा तैयार रहते हैं! इसलिए जब भी हम लोगों को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार देखें तो हमें यह बातें हमेशा याद रखनी चाहिए!
चलिए अब यही बाते हम आपको १ अलग तरीके से समझाते हैं, मान लीजिये है कि आप गरीब हैं। आप खुश हैं , आप जिंदगी में कोई संघर्ष नहीं कर रहे हैं, सिर्फ गरीब हैं!
अब आपको कैसा लग रहा है? आपको डर लग रहा है? आपको घबराहट हो रही है? आत्मविश्वास की कमी लग रही है? आपको सोच कर भी पसीना आ गया? और यह भी केवल सोच कर ? जब आपको आर्थिक रूप अपना सही मूल्य और पैसे की शक्ति का एहसास होगा ,तब आपको लगने लगेगा की ये मेरी ही गलती है की में गरीब हूँ! मुझे कुछ तो करना चाहिए! और जब आप आर्थिक रूप से स्थिर होते हैं, तो आपको आत्मविश्वास आ जायेगा। यह केवल गरीबी है, जो हमें सिखाता है कि आवश्यकताएं और विलासिता के बीच अंतर है। हमें अगर इस गरीबी से बहार निकलना है तो इसके लिए कोई छड़ी नहीं बनी जो बस घुमाई और गरीबी गायब ! इसे आप से हटाने के लिए, आपको मेहनत तो करना ही होगा, बस सही दिशा की जरुरत है
हमारे जीवन का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा हमारी कामकाज वाली जिंदगी जो की बिना किसी योजना के चल रही है!
हमारे जीवन के लगभग 75% समय हम अपने काम करते खर्च करते हैं। अगर हम काम में खुश नहीं हैं इसलिए हम जीवन में खुश नहीं रह पाते हैं! आप जो काम कर रहे है उसमे अगर आनंद नहीं है तो काम में भी मन नहीं लगता है यह आपका का कैरियर है, जो हो सकता है आपके पिताजी ने आपके लिए चुना है फिर भी अब आप बाध्य नहीं है, आप सभी अपने वित्तीय सपनों को प्राप्त कर सकते ! अपने आप को कुछ समय दे, सोचे समझे कि आप कर सकते हैं और काम करने क तरीके को बदलकर या जिस काम में आपकोआनंद नहीं मिल रहा उसको ही बदलकर एक आनंदमय जीवन मिल गुजर सकते हैं!
जब भी किसी को थोडा वित्तीय घाटा होता है वह तुरंत किसी न किसी से ऋण या उधार ले लेते है और कभी कभी यह ऋण या उधार लेना १ आदत सी बन जाती है. जिससे समाज,मित्रो परिवार सभी जगह हिन भावना से देखा जाता क्योंकि वे आदत खो नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने पहले ही अपना सब कुछ खो दिया है। और कभी कभी इस ऋण से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऋण या उधार एक बंधक के सामान है जो की किसी के भी दिमाग को बांध देता है ! इसलिए हमें खुद को इतना सक्षम बनाना चाहिए की कभी किसी से भी ऋण या उधार लेने की जरुरत ही महसूस न हो।
फिर उस दिन आपको एहसास होगा कि वित्तीय स्वतंत्रता के क्या मायने होते हैं जो प्यार और सम्मान के अलावा, हमारी आत्मा की जरूरत भी है। ये माना की पैसा सब की जरूरत है पैसा ही तो सब कुछ नहीं है ना ?

हमसे जुड़े रहने के लिए धन्यवाद, हमेशा खुश रहिये!