गढ़ा हुआ खजाना आप भी खोज सकते है, इनकी मदद से पलभर में , जानें कैसे…

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सपने में सोना देखने वाले एक साधु के दावे की असलियत जानने के लिए उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा में खुदाई का काम किया गया था! यूपी के उन्नाव जिले में खुदाई का काम आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा किया गया था! हर कोई जमीन में दबे 1000 टन सोने की तलाश कर रहा था! 19वीं सदी के इस खजाने के बारे में विभाग को एक साधू ने जानकारी दी थी। साधू का कहना था कि उस जगह के राजा राव ने सपने में आकर उसे गढे हुए सोने का स्थान बताया था।  सोने की खुदाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया था। सोने की ताकत तो सभी को पता है। भारत में सोने की किमत के बारे में क्या कहा जाए। क्या कभी आपने सोचा है कि सोने की खुदाई कैसे की जाती है। कैसे पता चलता है जमीन के अंदर कहां सोना गड़ा हुआ है।

आज आपको बताने जा रहे है उन खास गैजेट्स के बारे में जिनकी मदद से सोने को जमीन के नीचे ढूंढा जाता है। उसकी खुदाई की जाती है और फिर उसकी सफाई भी की जाती है।

Target Sensitive Metal Detector (GC1006) Water proof

सोने की खुदाई के लिए पहले यह पता होना जरूरी है कि यह गड़ा कहां पर है। सोने का पता लगाने के लिए कई गैजेट्स का इस्तेमाल किया जाता है इनमें से सबसे ज्यादा प्रयोग में आता है टारगेट सेंसिटिव मेटल डिटेक्टर। यह डिवाइस एक पतली छड़ी के समान होता है। यह मेटल डिटेक्टर बहुत कम फ्रीक्वेंसी पर काम करता है। 15 KHz (किलो हर्ट्ज) की फ्रीक्वेंसी के जरिए जमीन के नीचे की एक 3D तस्वीर दिखाई देती है। खास बात यह है कि यह गैजेट जमीन के अंदर मौजूद आईरन (लोहे) के कणों को नहीं पकड़ता है। ऐसे में कीमती मेटल जैसे सोना, चांदी और भी कई तरह के मेटल्स का पता लगा सकता है।

इसकी वॉटर प्रूफ क्वाइल के कारण इस गैजेट की मदद से पानी के अंदर भी 200mm तक के एरिया को स्कैन किया जा सकता है।

Minelab Gold Detector Coils (GPX 5000)

GPX 5000 एक नया और आधुनिक गैजेट है जो जमीन के अंदर गड़ा हुआ सोना ढूंढने में मदद करता है। इस गैजेट में मल्टी पीरियड सेंसिंग और डुअल वोल्टेज तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बैटरी के जरिए काम करने वाला यह गैजेट एक स्मार्ट डिवाइस है। यह गैजेट कई फिट नीचे तक का डाटा दे सकता है। माईनिंग प्रोफेशनल्स इस गैजेट का इस्तेमाल करते हैं। इसे बनाने वाली कंपनी का कहना है कि इस गैजेट की मदद से कई घंटों का काम मिनटों में किया जा सकता है। यह काफी तेजी से काम करता है।

इस गोल्ड डिटेक्टर में 6 तरह के प्री सेट मोड हैं जो जमीन के हिसाब से सेट किए जाते हैं। इसमें हाई-मिनरल से लेकर हाई-ट्रेश (कचरे के कण) तक अलग-अलग मोड सेट किए जा सकते हैं। इसे के साथ यह गैजेट इंग्लिश, स्पैनिश, रशियन और अरेबिक यह 4 अलग-अलग भाषाएं समझ सकता है।

LCD display gold treasure scanner

4 किलो वजन वाला यह गैजेट सोने को खोजने के लिए काफी काम का साबित हो सकता है। इस गैजेट में एक खास मेनू है जिसकी मदद से सोने को खोजने के लिए अलग-अलग मोड सेट किए जा सकते हैं। इसकी बैटरी पावर 40 घंटों की है। डबल फिल्टर मोड की मदद से ज्यादा कचरे और पथरीली जमीन पर भी स्कैनिंग की जा सकती है। यह गैजेट सोना, चांदी, तांबा, टिन और एल्यूमीनियम जैसे मेटल आसानी से खोज सकता है।

4 किलो वजन वाला यह गैजेट सोने को खोजने के लिए काफी काम का साबित हो सकता है। इस गैजेट में एक खास मेनू है जिसकी मदद से सोने को खोजने के लिए अलग-अलग मोड सेट किए जा सकते हैं। इसकी बैटरी पावर 40 घंटों की है। डबल फिल्टर मोड की मदद से ज्यादा कचरे और पथरीली जमीन पर भी स्कैनिंग की जा सकती है। यह गैजेट सोना, चांदी, तांबा, टिन और एल्यूमीनियम जैसे मेटल आसानी से खोज सकता है।

सोने की खुदाई के बाद सबसे जरूरी काम होता है मिट्टी और बाकी कणों को उससे अलग करना। इस काम के लिए भी एक्सप्लोरर मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक खास प्रोसेसर से मिट्टी के कण अलग हो जाते हैं। कई मशीनों में ग्रेविटी प्रोसेस का इस्तेमाल भी किया जाता है। एक शक्तिशाली चुंबक की मदद से सोने को खींच लिया जाता है। इस स्टेप में सोने के साथ कई तरह के मेटल्स भी अलग करे जाते हैं। जैसे कई बार सोने के साथ आईरन (लोहा) के कण भी आ जाते हैं इन्हें अलग करना जरूरी है।

सोने को अलग करने के बाद इसकी धुलाई का काम सबसे अहम होता है। इससे सोने पर चिपकी हुई मिट्टी को हटाया जाता है। इसके बाद ही सोने को पिघलाने और आभूषण बनाने का काम किया जाता है। खुदाई से लेकर धुलाई तक का सारा काम मशीनों के जरिए किया जाता है।